Shri Hanuman Ashtak Lyrics & Meaning in Hindi
Sankat Mochan Hanuman Ashtak Lyrics & Meaning in Hindi बाल समय रवि भक्षी लियो तब , तीनहुं लोक भयो अंधियारों I ताहि सों त्रास भयो जग को , यह संकट काहु सों जात न टारो I देवन आनि करी बिनती तब , छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो I को नहीं जानत है जग में कपि , संकटमोचन नाम तिहारो I को – १ बाल्यकाल में जिसने सूर्य को खा लिया था और तीनों लोक में अँधेरा हो गया था . पुरे जग में विपदा का समय था जिसे कोई टाल नहीं पा रहा था . सभी देवताओं ने इनसे प्रार्थना करी ...